भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल: पानी, बिजली और सड़कों के मुद्दे पर कलक्टर कार्यालय को घेराव
बारां जिले में पानी, बिजली और खस्ताहाल सड़कों की समस्याओं को लेकर आज भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में जिला कलक्टर कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें किसानों के मुआवजे और खाद की किल्लत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा।
बारां। राजस्थान के बारां जिले में जनसमस्याओं और सरकार की कथित विफलताओं को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और बारां जिले की ज्वलंत समस्याओं के खिलाफ आज, यानी 3 जून को जिला कलक्टर कार्यालय के घेराव की घोषणा की गई है। इस बड़े आंदोलन और प्रदर्शन का नेतृत्व अंता विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया करेंगे, जबकि इसकी कमान कार्यक्रम संयोजक व पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल संभाल रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस जिला प्रशासन और राज्य सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुकी है, जिससे स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
कार्यक्रम संयोजक पानाचन्द मेघवाल ने जिले की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समय पूरा बारां जिला भीषण पेयजल संकट की आग में झुलस रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा चुकी है। जिले के सैकड़ों हैंडपंप खराब पड़े हैं और पिछली सरकार के समय शुरू की गईं छोटी-बड़ी पेयजल परियोजनाएं रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रही हैं। मेघवाल ने आरोप लगाया कि इस भीषण गर्मी में जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, लेकिन सरकार और प्रशासनिक अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
पानी के साथ-साथ जिले की चरमराती बिजली व्यवस्था भी इस आंदोलन का एक बड़ा मुख्य बिंदु है। जिले में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने आम जनता, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों का जीना मुहाल कर दिया है। इसके अलावा, सड़कों की बदहाली ने आमजन की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस शासनकाल के दौरान स्वीकृत की गई अनेक महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के कार्य वर्तमान में अधूरे पड़े हैं, जिसके कारण जिले की अधिकांश प्रमुख सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन खस्ताहाल सड़कों की वजह से आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग इस ओर आंखें मूंदे बैठा है।
स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के मुद्दों को उठाते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि जिला अस्पताल सहित ग्रामीण चिकित्सा संस्थानों में संसाधनों की भारी कमी है। चिकित्सकों के दर्जनों पद रिक्त चल रहे हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। वहीं, अन्नदाता भी सरकार की बेरुखी का शिकार है; अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को अब तक फसल बीमा और उचित मुआवजा राशि नहीं मिल सकी है। आगामी बुवाई सीजन को देखते हुए डीएपी और यूरिया खाद की उपलब्धता पर भी संशय बना हुआ है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
इन तमाम ज्वलंत और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आज जिला कलक्टर कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस आंदोलन को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा ने जिले के समस्त कार्यकर्ताओं, किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है। इस घेराव को बारां की स्थानीय राजनीति और जनता के अधिकारों की लड़ाई के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।