मेलबर्न। एक तरफ जहां टीम इंडिया ने आस्ट्रेलिया में भारत की नाक कटवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी वहीं उसी देश में भारत के स्टार खिलाड़ी लिएंडर पेस और चेक गणराज्य के राडेक स्टेपानेक की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका के बॉब और माइक ब्रायन की जोड़ी को हराकर वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम आस्ट्रेलियाई ओपन का युगल खिताब जीतते हुए भारतीय खेल प्रेमियों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। युगल स्पर्धा के फाइनल में पेस और स्टेपानेक की जोड़ी ने ब्रायन बंधुओं को 7-6, 6-2 से पराजित किया। सेमीफाइनल में पेस और स्टेपानेक की जोड़ी ने बेलारूस के मैक्स मिर्नी और कनाडा के डेनियल नेस्टर की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। ब्रायन बंधुओं के खिलाफ पहले सेट में मुकाबला दोनों जोडिय़ों के बीच काफी टक्कर का रहा और टाइब्रेकर के जरिए फैसला किया गया लेकिन दूसरे सेट में पेस और उनके नए जोड़ीदार राडेक स्टेपानेक ने कुछ आकर्षक शाट्स खेले जिसका जवाब अमरीका के ब्रायन बंधुओं के पास नहीं था।
यह लिएंडर पेस का पहला आस्ट्रेलियाई ओपन खिताब भी है जिसके साथ ही उन्होंने अपना करियर ग्रैंड स्लैम भी पूरा कर लिया यानी अब वो सभी ग्रैंड स्लैम खिताब अपनी झोली में डालने का इतिहास रच चुके हैं। टूर्नामेंट से पहले यही जोड़ी गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी थी लेकिन दुनिया की शीर्ष जोड़ी को हराकर पेस-स्टेपानेक ने सबको हैरत में डाल दिया है। मैच के दौरान पेस का हौंसला बढ़ाने दुनिया की पूर्व नंबर एक महिला खिलाड़ी और ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में पेस की पुरानी जोड़ीदार मार्टिना नावरतिलोवा भी कोर्ट पर मौजूद थीं। पेस ने इसके साथ ही करियर ग्रैंड स्लेम भी पूरा कर लिया और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह भारत के पहले खिलाडी हैं। पेस इससे पहले तीन बार फ्रेंच ओपन (शेष पृष्ठ ८ पर)
एक बार विंबलडन और दो बार यूएस ओपन में युगल खिताब जीत चुके थे, लेकिन आस्ट्रेलियन ओपन अभी तक उनकी पहुंच से दूर था। पेस 1999, 2006 और 2011 में आस्ट्रेलियन ओपन के पुरूष युगल फाइनल में पहुंचे थे और आखिर उन्होंने चौथी बार जाकर यह खिताब अपने नाम कर लिया।


