एशियाई खेलों की दोहरी स्वर्ण पदक विजेता अश्विनी अकुंजी समेत भारत की शीर्ष छह महिला एथलीटों पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया. अगले साल लंदन ओलंपिक में खेलने की उनकी उम्मीदें ध्वस्त हो गई.
रिले धाविका मनदीप कौर, सिनि जोस, मेरी टियाना थामस, प्रियंका पवार, जौना मुमरु और अकुंजी प्रतिबंधित स्टेरायड के सेवन की दोषी पाई गई थी.
राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी के मुख्यालय पर जब फैसला सुनाया गया तो इनमें से कोई भी मौजूद नहीं थी.
ये सभी अब नाडा की अपीलेट ट्रिब्यूनल में प्रतिबंध के खिलाफ अपील कर सकती हैं. उनके वकील ने हालांकि कहा कि कोई फैसला लेने से पहले वे फैसले की समीक्षा करेंगे.
नाडा पेनल के प्रमुख दिनेश दयाल ने कहा कि सजा इसलिये कम सुनाई गई है क्योंकि खिलाड़ी जान बूझकर प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के दोषी नहीं पाये गए. पहली बार आरोपी पाये जाने पर अधिकतम दो साल के प्रतिबंध का प्रावधान है.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘सभी छह एथलीटों को डोपिंग निरोधक नियमों के प्रावधान 2.1 के तहत डोपिंग का दोषी पाया गया. उनका निलंबन आज से शुरू होता है.’
उन्होंने कहा,‘एथलीटों को यह पता नहीं था कि उनके शरीर में प्रतिबंधित दवायें कैसे गई लिहाजा उन्हें नाडा नियम के प्रावधान 10.5.2 के तहत कम सजा सुनाई गई हैं. दो एथलीट मेरी टियाना थामस और जौना मुमरु का मई और जून में दो बार टेस्ट हुआ और उन्हें दो बार दोषी करार नहीं दिया जा सकता.’
एशियाई खेलों में चार गुणा 400 मीटर रिले और 400 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली अकुंजी लंदन ओलंपिक में नहीं खेल सकेगी.
उसका प्रतिबंध तीन जुलाई 2012 तक लागू रहेगा क्योंकि उसे इस साल चार जुलाई को अस्थायी निलंबन की सजा सुनाई गई थी.
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ओलंपिक क्वालीफिकेशन दो जुलाई को खत्म हो रहे हैं. आखिरी क्वालीफाइंग टूर्नामेंट 29 और 30 जून 2012 को हैं.
अधिकारी ने कहा,‘आखिरी क्वालीफाइंग टूर्नामेंट 29 और 30 जून को है और क्वालीफिकेशन दो जुलाई को खत्म हो जायेगा.प्रतिबंध पूरा होने पर उन्हें फिर से खेलने के लिये टेस्ट देना होगा.’
प्रतिबंधित खिलाड़ियों के पास हालांकि लंदन ओलंपिक खेलने का मौका है बशर्ते उनके विकल्प क्वालीफाई करने में कामयाब रहे.
ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इस पर फैसला एएफआई लेगा.
नाडा के महानिदेशक राहुल भटनागर ने कहा कि इसके नियमों के तहत सिर्फ एक टेस्ट होगा.उन्होंने कहा,‘हम नाडा के नियमों का पालन करेंगे और प्रतिबंध पूरा होने के बाद सिर्फ एक टेस्ट होगा. इसका नतीजा 48 घंटे के भीतर आ जायेगा.’
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता चार गुणा 400 मीटर रिले टीम की सदस्य मनदीप और मुमरु को 23 जून को अस्थायी तौर पर निलंबित किया गया था.
जोस और मेरी टियाना को 30 जून को निलंबित किया गया था जबकि प्रियंका पवार और अकुंजी को चार जुलाई को सजा सुनाई गई थी.
इस बीच खिलाड़ियों के प्रतिनिधि अनीश दयाल ने अनुशासन समिति के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे उनके पक्ष की पुष्टि हो गई. उन्होंने कहा,‘अनुशासन समिति के तर्क बहुत हद तक हमारे पक्ष में हैं. प्रथम दृष्टया हम इससे खुश है.लड़कियां शुरू से कह रही हैं कि वे दोषी नहीं है.’
उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने फैसले का ब्यौरा नहीं देखा है लेकिन उन्हें पता चला है कि पेनल ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि खिलाड़ियों ने जान बूझकर कुछ नहीं किया है.
दयाल ने कहा कि एथलीटों को साइ द्वारा नियुक्त कोच के कहने पर काम करना पड़ा और वे खुद को बचाने की स्थिति में नहीं थी.


