चित्तौडग़ढ़। सार्वजनिक निर्माण एवं जिले के प्रभारी मंत्री भरत ङ्क्षसह ने कहा कि अधिकारीगण राज्य सरकार की मंशानुरूप कार्य कर फ्लेगशिप योजनाओं व विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचा कर उन्हें राहत प्रदान करें।
प्रभारी मंत्री यहां आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान सम्बोधित कर रहे थे। जनसुनवाई कार्यक्रम में ३६० परिवाद पेश हुए, जिन्हें प्रभारी मंत्री ने दो दिन में निपटाने के निर्देश प्रदान किए।
जनसुनवाई में जिला कलक्टर रवि जैन ने कहा कि राज्य सरकार ने संवेदनशीलता को सर्वोपरि रखते हुए पिछले कुछ समय में बडी योजनाएं लागू की है । जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन व आमजन के बीच जुड़ाव का माध्यम है। पिछले ६ दिनों में ११ पंचायत समिति स्तर पर जाकर की गई जनसुनवाई में लोक सेवा प्रदाय गारण्टी अधिनियम के तहत १५ विभागों सहित अन्य सभी तरह की समस्याओं का भी निराकरण किया गया है। जिले में अब तक १०४५ परिवेदनाएं प्राप्त हुई, जिनमें से ६२५ का निपटारा हाथों-हाथ किया गया, ३८० को समय सीमा के भीतर निपटाया जाएगा तथा शेष मामलों पर कार्यवाही वांछित नहीं थी। विधायक सुरेन्द्र ङ्क्षसह जाड़ावत ने कहा कि गरीबों की समस्याओं का समाधान समय पर हो, इसलिए लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम लागू किया गया है ।
गिलूण्ड मार्ग पर बस चलाने के निर्देश
जन सुनवाई के दौरान लोगों ने गिलूण्ड मार्ग पर रोड़वेज की बसे संचालित नहीं होने एवं निजी तथा अवैध वाहनों की भरमार होने की शिकायत की। इस पर प्रभारी मंत्री ने बुधवार से ही गिलूण्ड मार्ग पर रोड़वेज बस चलाने के निर्देश देते हुए पुलिस, प्रशासन व रोड़वेज को संयुक्त अभियान चलाकर अवैध वाहनों की रोकथाम करने को कहा। इस दौरान एक निलम्बित प्रधानाध्यापक शम्भुलाल लखारा को चार माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत पर प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी को वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि गत एक वर्ष से इस प्रकरण की जांच चल रही है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उन्हें लताड़ भी पिलाई गई।
जांच के बावजूद कार्यवाही नहीं
ग्राम पंचायत बोराव के वार्ड पंच के तीसरी संतान होने संबंधी शिकायत की विकास अधिकारी को जांच करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह गिलूण्ड ग्राम पंचायत के वार्ड नं. १० के वार्ड पंच लादू लाल चौपड़ा की भी तीसरी संतान होने एवं कई बार इस संबंध में जांच होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं किए जाने की शिकायत की गई। कपासन के सीताराम भील को हाथों-हाथ विकलांग प्रमाण-पत्र बनाकर बी.पी.एल. में चयन करने व पृथक राशन कार्ड बनाने, सेगवा में घटिया नाली निर्माण कार्य को दूरस्थ करने, सोहनलाल खटीक को इन्दिरा आवास स्वीकृत करने तथा हितेष पुरोहित को विश्वास योजना में ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए।
स्टेचर पर ले आए एक व्यक्ति को
जनसुनवाई में कई जनों को पेंशन भुगतान आदेश प्रदान किये गए। इस दौरान लकवा से पीडि़त गंगरार के डालचंद रेगर को कुछ जने स्ट्रेचर पर सुला कर जन सुनवाई में ले आए, जिस पर उसे बी.पी.एल. में चयनित कर विकलांग पेंशन तथा बच्चों के लिए पालनहार योजना के आदेश भी हाथों-हाथ प्रदान किए गए। जन सुनवाई के दौरान निकटवर्ती मानपुरा में गत दिनों एक क्रेशर को राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के स्थानीय बोर्ड द्वारा आवश्यक पालना नहीं किए जाने की वजह से बंद किए जाने एवं स्थानीय अधिकारी नवीन व्यास द्वारा क्रेशर मालिक से अनुचित शब्दों का उपयोग किए जाने का मामला भी काफी देर तक गर्माया रहा।
अधिकारी को पिलाई लताड़
बोर्ड के अधिकारी व्यास के रवैये एवं उनके द्वारा उठाए गए इस कदम पर उन्हें न केवल लताड़ पिलाई गई, बल्कि प्रभारी मंत्री, विधायक एवं जिला कलक्टर ने यह जानना चाहा कि मानपुरा में स्थित अन्य क्रेशरों की भी जब यही स्थिति है, तो आखिरकार एक क्रेशर को ही बंद क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि यह किसी भी तरह से न्याय संगत नहीं है। क्रेशर मालिक ने सभी के सामने अधिकारी पर झूठ बोलने का आरोप लगाए हुए बताया कि उनके एक विकलांग कर्मचारी को भी उक्त अधिकारी द्वारा डराया एवं धमकाया गया। प्रभारी मंत्री ने क्रेशर मालिक से सम्पूर्ण जानकारी उन्हें देने के निर्देश किए। जिला कलक्टर ने यहां लगे डीजी सेट को अन्य स्थान पर लगाकर क्रेशर को प्रारंभ करने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जन सुनवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी प्रचेताओं को भी बड़ी राहत देते हुए अन्य जिलों की तरह यहां भी उसी अनुसार मानदेय देने के निर्देश दिए गए।


