-प्रात:काल संवाददाता-
जोधपुर। जिला ग्रामीण पुलिस ने स्टेट मोटर गैराज की लाल बत्ती लगी टाटा सफारी गाड़ी को लूटने के तीन आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। ये तीनों लुटेरे शातिर अपराधी मेगसिंह की गैंग के हैं। वारदात के दौरान मेगसिंह और उसके कुछ अन्य साथी भी साथ थे। पुलिस अब बाकी लुटेरों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष टांक ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर प्रतापनगर इलाके से एक स्विफ्ट कार में बैठे ओसियां थाना क्षेत्र के चराई गांव निवासी किशनसिंह पुत्र हरीसिंह राजपूत, हड़मानसिंह उर्फ मुकेश पुत्र बगडूराम विश्नोई और एकलखोरी निवासी हड़मानाराम पुत्र हरदासराम विश्नोई को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से इस बात का पता लगाने में जुटी है कि ये शहर में कि सी वारदात को अंजाम देने के लिए आए थे या फिर यहीं पर छुपे हुए थे।
आरोपियों ने सेेखाला गांव के पास लाल बत्ती की टाटा सफारी में केवल चालक को ही देखा तो इन्होंने इसे लूटने की हाथोंहाथ योजना बना ली। इसी इरादे से मेगसिंह ने टाटा सफारी से और अन्य ने स्कोर्पियो से पीछा किया। पांच - सात किलोमीटर बाद लुटेरों ने लालबत्ती गाड़ी को ओवरटेक कर रोका और रिवाल्वर के बल पर गाड़ी लूट कर ले गए। उल्लेखनीय है कि चालक झारखंड विधानसभा के स्पीकर को जैसलमेर छोड़कर जोधपुर लौट रहा था। इस दौरान लुटेरों ने चालक से गाड़ी लूट ली। लुटेरों ने इस बात को स्वीकार किया कि वो और उनकी गैंग तस्करी के लिए लग्जरी वाहनों को लूटते हैं।
इन वाहनों का पिकअप अच्छा होता है और तेज रफ्तार से चलने में सक्षम होती हैं। इसके कारण पुलिस की पकड़ में भी नहीं आते हैं। इस गैंग के सरगना मेगसिंह के खिलाफ जोधपुर, पाली, जालोर सहित अन्य जिलों में लूट, मारपीट, डकैती के सोलह मामले दर्ज हैं।
लूट के एक मामले में जालोर जेल से भगोड़ा है। वह गैंगस्टर विशनाराम का भी साथी है। विशनाराम के पकड़े जाने से पूर्व ये दोनों साथ ही आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे।
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