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Back राजस्‍थान जालोर ग्रामीणों ने की वर्षा जल को सहेजने की पहल

ग्रामीणों ने की वर्षा जल को सहेजने की पहल

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जालोर। बागोड़ा गांव के ग्रामीणों ने बारिश के पानी को सहेज कर अपने आज को सुखद बनाने की प्रेरणाप्रद पहल की है। इन लोगों ने न केवल बरसाती पानी को एकत्रित किया, बल्कि उस पानी का मितव्ययता से उपयोग भी कर रहे हैं। ये ग्रामीण बरसाती पानी को खेतों में कुंड (टांका) में एकत्रित कर लेते हैं, जिसके बाद सालभर इस पानी को पेयजल के रूप में उपयोग करते हैं।


इनको मानना है कि बारिश की अनिश्चितता और घटता भूजल जिलेवासियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है। पानी की कमी ने जहां लोगों की चिंता बढ़ाई है। वहीं जो पानी उपलब्ध है, उसमें फ्लोराइड समेत अन्य अपशिष्ट मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा भी साबित हो रहे हैं। इसी स्थिति को जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने गंभीरता से लिया है। इस प्रकार के टांकों के निर्माण के लिए सरकार की ओर से सहायता राशि भी उपलब्ध है।
आमतौर पर इस प्रकार के कुंड सांचौर के आस पास के क्षेत्रों में किसानों द्वारा खेतों में बनवाए गए हैं। इसके पास सीमेंटेड भाग बनाया जाता है। टांकों में पानी पहुंचने के लिए रास्ता बनवाया जाता है। बारिश होने पर इस सीमेंटेड क्षेत्र के माध्यम से पानी कुंड में पहुंचता है। बारिश के पानी में फ्लोराइड नहीं होता है। जिससे मानव स्वास्थ्य पर विपरीत असर भी नहीं पड़ता।

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