उदयपुर। नगर परिषद की बोर्ड बैठक में स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी ने सभापति का खुलकर विरोध करते हुए कहा कि सभापति किसी पार्षद को डरा नहीं सकती है। पार्षद भी जनप्रतिनिधि होता है। सिंघवी ने सभापति को अपना व्यवहार बदलने का सुझाव दे डाला। इसके साथ ही सिंघवी ने नगर परिषद के कई दस्तावेजों के फर्जी होने का आरोप लगा दिया। वहीं प्रतिपक्ष के पार्षद भी उनका लगातार समर्थन करते रहे।
नगर परिषद की शुरूआत में जब पार्षद अजय पोरवाल की ओर से सेवानिवृत कर्मचारियों के एक करोड़ रूपए अन्य खाते में पड़े होने की जानकारी देते हुए सभापति रजनी डांगी से जवाब मांगा तो सभापति ने इस बारे में लेखाधिकारी कन्हैयालाल लोढ़ा को जवाब देने के लिए कहा। इसी के विरोध में पारस सिंघवी भी खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि जवाब सभापति या वित्त समिति अध्यक्ष देंगे। कोई भी अधिकारी जवाब नहीं देगा। पारस सिंघवी अपनी बात पर अड़ गए। सभापति के जोर-जोर से बोलने पर सिंघवी आक्रोशित हो गए तथा उन्होंने सभापति को अपना व्यवहार सुधारने के लिए कहा। सिंघवी ने कहा कि हम भी जनप्रतिनिधि है। पार्षद है, आप पार्षद को किसी भी परिस्थिति में नहीं डरा सकती है।


