प्रात:काल संवाददाता
मुंंबई। विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एअरलाइंस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एयरलाइंस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय समेत कुल 27 उड़ानें आज रद्द कर दी हैं। ऐसी खबर है कि डीजीसीए ने किंगफिशर एयरलाइंस के सीईओ संजय अग्रवाल को समन जारी किया है। डीजीसीए उड़ानें रद्द होने की वजह पूछ सकता है। इधर सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि 20 पायलटों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इसकी अभी पुष्टी नहीं हुई है।
पायलट समय पर सैलरी नहीं मिलने की वजह से ऐसा कर रहे हैं। डीजीसीए ने ऐसे दौर में मुसाफिरों की सहूलियत का ध्यान रखने की सलाह भी सभी एयरलाइंस को दी है। डीजीसीए ने कहा है कि किंगफिशर की उड़ानें रद्द होने की वजह से अन्य एयरलाइंस को किराये में बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए। वहीं किंगफिशर एयरलाइंस के गहराते संकट के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि निजी एयरलाइंस को कोई राहत पैकेज नहीं दिया जाएगा। सिविल एविएशन मिनिस्टर अजित सिंह ने साफ किया कि किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बेलआउट की सरकार की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा, 'सरकार ने इस एयरलाइंस के बैंक खाते सीज कर लिए हैं और डीजीसीए इनकी समस्याओं पर नजर बनाए हुए हैं।Ó इससे पहले एयरलाइंस की सेवाएं रविवार को बुरी तरह प्रभावित हुईं। बड़े शहरों से जाने वाली इसकी आधी से ज्यादा उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या फिर विलंब से रवाना हुईं। कम से कम 40 उड़ानें रद्द हुईं। यात्रियों की परेशानी के मद्देनजर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बाकी विमानन कंपनियों को किंगफिशर के यात्रियों के लिए भी सीट मुहैया करने को कहा है। टैक्स नहीं अदा करने पर आयकर विभाग ने कंपनी के कुछ खातों पर रोक लगा दी है। इससे मुश्किलें बढ़ गईं हैं। हालांकि, किंगफिशर कहना है कि हाल में पक्षियों के विमानों से टकराने जैसी 'अप्रत्याशित घटनाएंÓ बढ़ी हैं। इसलिए उड़ानें रद्द हुई हैं। तीन-चार दिनों में ये उड़ानें नियमित हो जाएंगी।
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