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न्यूयार्क । एक अध्ययन के अनुसार 2016 तक दुनिया में मोबाइल से जुड़े उपकरणों (डिवाइस) की संख्या मनुष्यों से अधिक हो जाएगी। अमेरिका की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी सिस्को सिस्टम्स ने एक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला है। इस रपट में मोबाइल इंटरनेट, वीडियो, डेटा तथा स्मार्टफोन के विकास की समीक्षा की गई। इसमें अनुमान लगाया गया है कि 2016 में दुनिया में दस अरब से अधिक मोबाइल से जुड़े डिवाइस होंगे, जबकि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार तब तक दुनिया की कुल जनसंख्या 7.3 अरब होगी।
सिस्को के उपाध्यक्ष (उत्पाद) सूरज शेट्टी ने कहा कि 2016 तक मोबाइल उपयोक्ताओं का 60 प्रतिशत हिस्सा (दुनिया भर में तीन अरब लोग) गीगा बाइट क्लब में होंगे। इस क्लब के लोग हर महीने एक गीगाबाइट मोबाइल डेटा ट्रेफिक पैदा कर रहे होंगे।



नई दिल्ली। अमेरिका के लिए लगातार एक के बाद एक करारा झटका लग रहा है। पहले सीरिया के मुद्दे पर रूस और चीन के रूख ने अमेरिका की प्रतिष्ठा को धूमिल किया तो अब भारत के ईरान से तेल लेने के फैसले से अमेरिका की साख पर सवालिया निशान लगा है। वहीं ईरान के मुद्दे पर भी रूस और चीन साथ-साथ हैं।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आवास परिसर की किलेबंद दीवारें जंगली सुअरों को दूर रखने में नाकाम हैं और आसिफ अली जरदारी के आधिकारिक आवास में बार-बार इनके प्रवेश कर जाने से काफी परेशानी का सामना करना पड़
लंदन। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यान मार्स एक्सप्रेस इस लाल ग्रह के टियु वालिस क्षेत्र के हैरतअंगेज विस्तृत थ्री-डी चित्र जारी किए हैं। इससे साफ पता चलता है कि कभी मंगल ग्रह का यह पूरा इलाका जलमग्न था। फोटो के हरेक मोजैक को अलग-अलग रंगों में दिखाकर जमीन की ऊंचाई और गहराई के साथ ही जल क्षेत्र दर्शाने की कोशिश की गई है। ताकि मंगल का भूगोल अब तक के सबसे स्पष्ट रूप में नजर आ सके। इन चित्रों के अध्ययन से यह साफ हो गया है कि मंगल ग्रह का 15 हजार मीटर की गहराई वाला यह टियु वालिस इलाका पानी में पूरा डूबा हुआ था। यहां के जल क्षेत्र के बहाल और उभारों को देखने से साफ हो जाता है कि करोड़ों साल पहले यहां बाढ़ आई थी। पानी के बहाव के कारण इस गहरे क्षेत्र में जमीन अब भी घुमावदार नजर आती है। जर्मन एयरोस्पेस एजेंसी डीएलआर की डिजिटल तस्वीरें हाई रेजुलेशन स्टीरियो कैमरा प्रणाली से ली गई हैं। इससे मंगल ग्रह की सतह की सटीक वस्तुस्थिति सामने आ गई है।